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बिहार राज्य भारत के पिछड़े राज्यों की सूची में आता है, लेकिन बिहार अब इस पिछड़ेपन की जड़ को उखाड़ फेकने के लिए नए मुकाम की ओर अग्रसर हो चला है| अब इस राज्य के लोगो ने अपनी सोच बदल ली है, बिहार के विकास को लेकर अब आम जनमानस भी सजग हो गया है, इसलिए अब न रुकेगा, न थमेगा, बढ़ता ही जायेगा बिहार | क्यूंकि, जैसे एक सकारात्मक सोच पूरी दुनिया को बदल देती है उसी तरीके से बिहार में आये इस सोच से राज्य की तस्वीर बदलेगी | बिहार के मुख्यमंत्री ने बहुत ही शानदार कदम उठाया है जो पुरे भारत में चर्चा का विषय है, वो महान कार्य है ‘शराब बंदी ‘! बिहार में किये गए शराब बंदी की प्रशंसा भारत में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व में हो रही है| इस कदम से भारत के कई और राज्य भी इस कदम को उठाने के लिए उत्सुक है| अब बिहार एक नए स्वरुप में बदलता दिखाई दे रहा है| बिहार जैसे पिछड़े राज्य को विकसित करने में यह कदम मानो एक खतरनाक बीमारी का निवारण जैसे है| शराब के सेवन के चलते हजारो ऐसी घटनाएं होती है जिसे हम सुनना तक पसंद नहीं करते, नशे में धूत में लोग जघन्य अपराध और बहुत सी घिनौने कार्य कर देते है, न जाने कितने लोग रोज मर्रे की जिंदगी में यूंही दुनिया को छोड़े जा रहे है अपनी जिंदगी से तो हाथ धोते ही है साथ ही साथ औरो की जिंदगी को भी बर्बाद कर देते है, बनी बनाई पीढ़ी आगे बढ़ने के बजाय खाई में चली जाती है, कितनी ऐसी महिलाएं जो पति के होते हुए भी अपने आप को विधवा मान लेती है | बहुत सारे\ विज्ञापन आते है की शराब का सेवन न करे, शराब का सेवन करने से कई खतरनाक बीमारियां होती है, इस विज्ञापन से क्या होने वाला है क्यूंकि जब तक बाज़ार में शराब बिकेगी लोग चोरी छुपे खरीदेंगे ही, जब बाजार में शराब उपलब्ध ही नहीं होंगी तो लोग खरीदेंगे और पीयेंगे कैसे? तो क्यों सिर्फ शराब बेचना ही बंद कराया जाय बल्कि शराब की फैक्ट्रीयों को भी बंद कराया जाय | अच्छी बात तो ये है शराब बंदी होने के साथ शराब बेचना और पीना भी बिहार में गैर कानूनी हो गया है | अब बेचते और पीते वक्त पकड़े जाने पर सजा भी होगी | और ये डर लोगो में एक नई सोच बनाएगा | यह एक अच्छा संकेत है बिहार के विकास के लिए, आने वाली नई पीढ़ी के लिए | अपने आप को, बिहार को, और भारत देश को विकसित करने के लिए| हर एक नुकसान पहुचाने वाली चीजो का त्याग किया जाय तो मुझे ऐसा लगता है कि लाखो लोगो की जिन्दगी बच सकती है| इस मुद्दे पर गुजरात, केरल, बिहार और नागालैंड के अलावा और राज्यों को भी सोचने की जरुरत है ताकि भारत का विकास हो सके| लेखक सदाम हुसेन, ‘पि. आर प्रोफेशनल्स’
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