चीन भी ये जानता था कि सोवियत संघ ये दोस्ती कहां तक निभाएगा। सोवियत ने पहले न्यूक्लियर बम बनाने का चीन को वादा किया था। लेकिन बीच में ही चीन को छोड़ दिया। फिर चीन को अकेले ही बम बनाना पड़ा। चीन और अमेरिका दोनों देश अपने पुराने मतभेंदो को कुछ समय के लिए पीछे छोड़ दोस्ती का हाथ बढ़ाते हैं।
Topics